| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा » श्लोक 13 |
|
| | | | श्लोक 7.97.13  | गृध्रा: कङ्का बका: श्येना वायसा जम्बुकास्तथा।
बहुश: पिशिताशाश्च तत्रादृश्यन्त मारिष॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | आर्य! वहाँ बहुत से गिद्ध, कौवे, बाज, चील, कौए, सियार और अन्य मांसाहारी पशु दिखाई दे रहे थे॥13॥ | | | | Arya! Many vultures, crows, hawks, eagles, crows, jackals and other carnivorous animals were visible there.॥ 13॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|