vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध
»
श्लोक 37
श्लोक
7.95.37
बाह्लीकराजस्तेजस्वी कुलपुत्रो महारथ:।
सहसेन: सहामात्यो द्रौपदेयानवारयत्॥ ३७॥
अनुवाद
कुलीन कुल में उत्पन्न तेजस्वी योद्धा बाह्लीकराज ने अपनी सेना और मन्त्रियों के साथ जाकर द्रौपदी के पुत्रों को रोक लिया ॥37॥
Bahlikaraj, a brilliant warrior born in a noble family, went with his army and ministers and stopped Draupadi's sons. 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×