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mahabharat 7.95.35: उस समय विविंशति, चित्रसेन और महारथी विकर्ण- इन तीनों भाइयों ने कुन्तीपुत्र भीमसेन को घेर लिया ॥35॥   |   mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.95.35 
भीमसेनं तु कौन्तेयं सोदर्या: पर्यवारयन्।
विविंशतिश्चित्रसेनो विकर्णश्च महारथ:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
उस समय विविंशति, चित्रसेन और महारथी विकर्ण- इन तीनों भाइयों ने कुन्तीपुत्र भीमसेन को घेर लिया ॥35॥
 
At that time, Vivinshati, Chitrasen and the great charioteer Vikarna - these three brothers surrounded Kunti's son Bhimsen. 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)