Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.95.33: यद्यपि द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्न की सेनाएँ बाणों से पीड़ित हो रही थीं, फिर भी सब लोग प्राणों की आसक्ति त्यागकर पूरी शक्ति से युद्ध कर रहे थे ॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्न की सेनाएँ बाणों से पीड़ित हो रही थीं, फिर भी सब लोग प्राणों की आसक्ति त्यागकर पूरी शक्ति से युद्ध कर रहे थे ॥ 33॥
Even though the armies of Dronacharya and Dhrishtadyumna were being afflicted by the arrows, everyone, giving up attachment to life, was fighting with all their might. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥