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mahabharat 7.95.29: हे प्रजानाथ! उस युद्धस्थल में महारथी द्रोण ने एक ही बाण से शत्रु सेना के प्रत्येक रथ, हाथी, घोड़े और पैदल सेना को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.95.29 
रथं नागं हयं चापि पत्तिनश्च विशाम्पते।
एकैकेनेषुणा संख्ये निर्बिभेद महारथ:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! उस युद्धस्थल में महारथी द्रोण ने एक ही बाण से शत्रु सेना के प्रत्येक रथ, हाथी, घोड़े और पैदल सेना को घायल कर दिया।
 
O Prajanath! On that battlefield, the great warrior Drona wounded each chariot, elephant, horse and infantry of the enemy army with a single arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)