Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.95.19: पाण्डवों की जिस भी रथसेना पर द्रोणाचार्य अपने बाणों से आक्रमण करते, धृष्टद्युम्न तुरन्त ही उन पर अपने बाणों की वर्षा करके उन्हें दोनों ओर से पीछे हटा देते थे॥19॥   |   mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.95.19 
यं यमार्च्छच्छरैर्द्रोण: पाण्डवानां रथव्रजम्।
ततस्तत: शरैर्द्रोणमपाकर्षत पार्षत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
पाण्डवों की जिस भी रथसेना पर द्रोणाचार्य अपने बाणों से आक्रमण करते, धृष्टद्युम्न तुरन्त ही उन पर अपने बाणों की वर्षा करके उन्हें दोनों ओर से पीछे हटा देते थे॥19॥
 
Whichever chariot army of the Pandavas was attacked by Dronacharya with his arrows, Dhrishtadyumna would instantly shower his arrows on them and turn them back from each side.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)