यथा च ब्रह्मणा बद्धं संग्रामे तारकामये।
शक्रस्य कवचं दिव्यं तथा बध्नाम्यहं तव॥ ७१॥
अनुवाद
जैसे ब्रह्माजी ने तारकासुर से युद्ध करते समय इन्द्र के शरीर पर दिव्य कवच बाँधा था, उसी प्रकार मैं भी तुम्हारे शरीर पर उसे बाँध रहा हूँ ॥ 71॥
Just as Lord Brahma had tied a divine armour on the body of Indra during the battle against Taraka, I am also tying it on your body in the same manner. ॥ 71॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥