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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना
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श्लोक 69
श्लोक
7.94.69
संजय उवाच
एवमुक्त्वा ततो द्रोणस्तव पुत्रं महाद्युतिम्।
पुनरेव वच: प्राह शनैराचार्यपुङ्गव:॥ ६९॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज ! आपके परम तेजस्वी पुत्र को यह घटना सुनाकर महामना आचार्य द्रोण ने पुनः धीरे से यह कहा -॥69॥
Sanjaya says - Maharaj! After narrating this incident to your very illustrious son, the great Acharya Drona again softly said this -॥ 69॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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