Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.94.48: राजन! जो इस पृथ्वी के नीचे सदा निवास करते हैं और इसे अपने मस्तक पर धारण करते हैं, वे पन्नो में श्रेष्ठ भगवान् शेषनाग आपका कल्याण करें॥48॥   |   mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  7.94.48 
अधस्ताद् धरणीं योऽसौ सदा धारयते नृप।
शेषश्च पन्नगश्रेष्ठ: स्वस्ति तुभ्यं प्रयच्छतु॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
राजन! जो इस पृथ्वी के नीचे सदा निवास करते हैं और इसे अपने मस्तक पर धारण करते हैं, वे पन्नो में श्रेष्ठ भगवान् शेषनाग आपका कल्याण करें॥48॥
 
Rajan! May Lord Sheshnag, the best of the pages, who always lives under this earth and wears it on his head, grant you welfare. 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)