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mahabharat 7.94.21: क्या तुम नहीं देखते कि मेरे द्वारा छोड़े गए बाणों का समूह अर्जुन के वेगवान रथ से एक कोस पीछे जा गिरा है?   |   mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.94.21 
किं न पश्यसि बाणौघान् क्रोशमात्रे किरीटिन:।
पश्चाद् रथस्य पतितान् क्षिप्तान् शीघ्रं हि गच्छत:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
क्या तुम नहीं देखते कि मेरे द्वारा छोड़े गए बाणों का समूह अर्जुन के वेगवान रथ से एक कोस पीछे जा गिरा है?
 
Don't you see that the group of arrows shot by me have fallen behind the swift chariot of Arjuna by a kos?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)