Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.94.19: द्रोणाचार्य बोले - राजन! मुझे आपकी बात बुरी नहीं लगी; क्योंकि मेरे लिए आप अश्वत्थामा के समान हैं। किन्तु मैं आपसे सत्य कह रहा हूँ; इसे ध्यानपूर्वक सुनिए। | mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोण उवाच
नाभ्यसूयामि ते वाक्यमश्वत्थाम्नासि मे सम:।
सत्यं तु ते प्रवक्ष्यामि तज्जुषस्व विशाम्पते॥ १९॥
अनुवाद
द्रोणाचार्य बोले - राजन! मुझे आपकी बात बुरी नहीं लगी; क्योंकि मेरे लिए आप अश्वत्थामा के समान हैं। किन्तु मैं आपसे सत्य कह रहा हूँ; इसे ध्यानपूर्वक सुनिए।
Dronacharya said - King! I do not feel bad about what you have said; because for me you are like Ashwatthama. But I am telling you the truth; listen to it carefully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥