श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.91.25 
द्रोणस्तु पञ्चभिर्बाणैर्वासुदेवमताडयत्।
अर्जुनं च त्रिसप्तत्या ध्वजं चास्य त्रिभि: शरै:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
फिर द्रोण ने भी पाँच बाणों से भगवान श्रीकृष्ण को, तिहत्तर बाणों से अर्जुन को तथा तीन बाणों से उनकी ध्वजा को घायल कर दिया।
 
Then Drona also injured Lord Krishna with five arrows, Arjuna with seventy-three arrows and his flag with three arrows. 25.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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