श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.91.17 
तै: सम्यगस्तैर्बलिना कृतिना चित्रयोधिना।
मनुष्यवाजिमातङ्गा विद्धा: पेतुर्गतासव:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
विचित्र प्रकार से युद्ध करने में निपुण महाबली अर्जुन के चलाए हुए बाणों से घायल होकर बहुत से मनुष्य, घोड़े और हाथी पृथ्वी पर गिर पड़े और प्राणहीन हो गए॥17॥
 
Many human beings, horses and elephants fell on the earth, lifeless, being injured by the arrows well shot by the mighty Arjuna, an adept in fighting in a strange manner. 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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