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श्लोक 7.88.8  |
नाकुलिश्च शतानीको धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:।
पाण्डवानामनीकानि प्राज्ञौ तौ व्यूहतुस्तदा॥ ८॥ |
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| अनुवाद |
| उस समय नकुलपुत्र शतानीक और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न- ये दो बुद्धिमान योद्धा पाण्डव सैनिकों की व्यूह रचना कर रहे थे ॥8॥ |
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| At that time, Nakul's son Satanika and Drupada's son Dhrishtadyumna - these two intelligent warriors formed the array of Pandava soldiers. 8॥ |
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