श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 86: संजयका धृतराष्ट्रको उपालम्भ  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.86.16 
तेषां तत् तादृशं कर्म त्वामासाद्य सुनिष्फलम्।
यत् पित्र्याद् भ्रंशिता राज्यात् त्वयेहामिषगृद्धिना॥ १६॥
 
 
अनुवाद
परन्तु तुम्हें पाकर उसके महान् कर्म व्यर्थ हो गये; क्योंकि राज्य के लोभ में तुमने उसे उसके पैतृक राज्य से वंचित कर दिया।
 
But his great deeds became futile after getting you; because in your greed for the kingdom, you deprived him of his ancestral kingdom.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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