श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 86: संजयका धृतराष्ट्रको उपालम्भ  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.86.15 
पाण्डुना निर्जितं राज्यं कौरवाणां यशस्तथा।
ततश्चाप्यधिकं भूय: पाण्डवैर्धर्मचारिभि:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
राजा पाण्डु ने संसार को जीतकर कौरवों का यश फैलाया, फिर धर्मात्मा पाण्डवों ने अपने पिता से भी अधिक अपना राज्य और यश फैलाया॥15॥
 
King Pandu conquered the world and spread the fame of the Kauravas. Then the pious Pandavas spread their kingdom and fame even more than their father.॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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