श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 86: संजयका धृतराष्ट्रको उपालम्भ  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.86.14 
पितृपैतामहं राज्यमपवृत्तं तदानघ।
अथ पार्थैर्जितां कृत्स्नां पृथिवीं प्रत्यपद्यथा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे निष्पाप राजन! उन दिनों तुमने न केवल अपने पूर्वजों का राज्य छीन लिया था, अपितु कुन्तीपुत्रों द्वारा जीता हुआ सम्पूर्ण जगत् का विशाल साम्राज्य भी हड़प लिया था॥ 14॥
 
O sinless king! In those days you had not only taken over the kingdom of your forefathers, but you also usurped the vast empire of the whole world that was won by the sons of Kunti.॥ 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas