श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 83: अर्जुनकी प्रतिज्ञाको सफल बनानेके लिये युधिष्ठिरकी श्रीकृष्णसे प्रार्थना और श्रीकृष्णका उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.83.28 
निहत्य सैन्धवं जिष्णुरद्य त्वामुपयास्यति।
विशोको विज्वरो राजन् भव भूतिपुरस्कृत:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
राजन! आज जयद्रथ का वध करके ही विजयी अर्जुन आपके पास आएंगे। आप धनवान होकर अपने शोक और चिंता को त्याग दें।॥28॥
 
King! Today the victorious Arjun will come to you only after killing Jayadratha. Remaining wealthy, you should leave aside your grief and worries. ॥28॥
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि प्रतिज्ञापर्वणि श्रीकृष्णवाक्ये त्र्यशीतितमोऽध्याय:॥ ८३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत प्रतिज्ञापर्वमें श्रीकृष्णवाक्यविषयक तिरासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८३॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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