Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.80.31: धीरे-धीरे वे आगे बढ़ते गए और काल पर्वत के पास पहुँचे जो काजल की कोमल पिंड के समान प्रतीत हो रहा था। फिर उन्हें ब्रह्मतुंग पर्वत, अन्य नदियाँ और अनेक जनपद दिखाई दिए। | mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धीरे-धीरे वे आगे बढ़ते गए और काल पर्वत के पास पहुँचे जो काजल की कोमल पिंड के समान प्रतीत हो रहा था। फिर उन्हें ब्रह्मतुंग पर्वत, अन्य नदियाँ और अनेक जनपद दिखाई दिए।
Gradually they moved forward and reached near the Kala mountain which looked like a soft mass of kajal. Then they saw Brahmatung mountain, other rivers and many districts.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥