श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.80.27 
कुबेरस्य विहारे च नलिनीं पद्मभूषिताम्।
सरिच्छ्रेष्ठां च तां गङ्गां वीक्षमाणो बहूदकाम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने कुबेर के बगीचे में कमलों से सुशोभित एक सरोवर तथा विशाल जल से परिपूर्ण नदियों में श्रेष्ठ गंगाजी को देखा॥27॥
 
Thereafter he saw in Kubera's garden a lake adorned with lotuses and the Ganga, the best among the rivers filled with vast water.॥ 27॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas