Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.80.2: उस समय स्वप्न में महाप्रतापी गरुड़ध्वज भगवान श्रीकृष्ण दुःखी और चिन्ताग्रस्त कपिध्वज अर्जुन के पास आये॥2॥   |   mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.80.2 
तं तु शोकेन संतप्तं स्वप्ने कपिवरध्वजम्।
आससाद महातेजा ध्यायन्तं गरुडध्वज:॥ २॥
 
 
अनुवाद
उस समय स्वप्न में महाप्रतापी गरुड़ध्वज भगवान श्रीकृष्ण दुःखी और चिन्ताग्रस्त कपिध्वज अर्जुन के पास आये॥2॥
 
At that time, in the dream, Lord Shri Krishna, the majestic Garudadhwaj, came to Kapidhwaj Arjun in grief and worry. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)