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श्लोक 7.80.19  |
पार्थ पाशुपतं नाम परमास्त्रं सनातनम्।
येन सर्वान् मृधे दैत्यान् जघ्ने देवो महेश्वर:॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| पार्थ! पाशुपत नामक एक सनातन एवं उत्तम अस्त्र है, जिससे भगवान महेश्वर ने युद्ध में समस्त दैत्यों का वध किया था॥19॥ |
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| Partha! There is an eternal and excellent weapon called Pashupat, with which Lord Maheshwar had killed all the demons in the war.॥ 19॥ |
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