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mahabharat 7.80.11: केशव! मैंने जयद्रथ को मारने के लिए बड़ी प्रतिज्ञा की है कि कल मैं अपने पुत्र के हत्यारे दुष्टबुद्धि सिन्धुराज का अवश्य वध करूंगी।   |   mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.80.11 
मया प्रतिज्ञा महती जयद्रथवधे कृता।
श्वोऽस्मि हन्ता दुरात्मानं पुत्रघ्नमिति केशव॥ ११॥
 
 
अनुवाद
केशव! मैंने जयद्रथ को मारने के लिए बड़ी प्रतिज्ञा की है कि कल मैं अपने पुत्र के हत्यारे दुष्टबुद्धि सिन्धुराज का अवश्य वध करूंगी।
 
Keshav! I have taken a big vow to kill Jayadratha that tomorrow I will surely kill the evil-minded Sindhuraj who is the killer of my son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)