Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.78.31: जो लोग इस संसार में सदैव अपने माता-पिता की सेवा करते हैं और अपनी पत्नी के प्रति स्नेह रखते हैं, वही गति तुम्हें भी प्राप्त हो॥ 31॥   |   mahabharat अध्याय 7.78: सुभद्राका विलाप और श्रीकृष्णका सबको आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 78: सुभद्राका विलाप और श्रीकृष्णका सबको आश्वासन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.78.31 
मातापित्रोश्च शुश्रूषां कल्पयन्तीह ये सदा।
स्वदारनिरतानां च या गतिस्तामवाप्नुहि॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जो लोग इस संसार में सदैव अपने माता-पिता की सेवा करते हैं और अपनी पत्नी के प्रति स्नेह रखते हैं, वही गति तुम्हें भी प्राप्त हो॥ 31॥
 
May you also attain the same fate as those who always serve their parents in this world and are affectionate towards their wives.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)