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श्लोक 7.76.19  |
तथा प्रभाते कर्तास्मि यथा कृष्ण सुयोधन:।
नान्यं धनुर्धरं लोके मंस्यते मत्समं युधि॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| श्री कृष्ण! कल प्रातःकाल मैं ऐसा युद्ध करूँगा कि दुर्योधन रणभूमि में मेरे समान किसी अन्य धनुर्धर को नहीं समझेगा॥19॥ |
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| Sri Krishna! Tomorrow morning I will fight such a battle that Duryodhan will not consider any other archer in the battlefield equal to me.॥ 19॥ |
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