श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके वीरोचित वचन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.76.14 
ब्राह्मेणास्त्रेण चास्त्राणि हन्यमानानि संयुगे।
मया द्रष्टासि सर्वेषां सैन्धवस्याभिरक्षिणाम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तुम देखोगे कि युद्ध में मैं जयद्रथ के रक्षकों के चलाए हुए समस्त अस्त्रों को ब्रह्मास्त्र से नष्ट कर दूँगा ॥14॥
 
You will see that in the battle I will destroy all the weapons fired by Jayadratha's defenders with the Brahmastra. ॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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