Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.73.49: यदि जयद्रथ पाताल में प्रवेश कर जाए, उसके पार चला जाए, अथवा आकाश, स्वर्ग या राक्षसों की नगरी में जाकर छिप जाए, तो भी मैं कल ही अपने सैकड़ों बाणों से अभिमन्यु के उस भयंकर शत्रु का सिर अवश्य काट डालूँगा। | mahabharat अध्याय 7.73: युधिष्ठिरके मुखसे अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनकर अर्जुनकी जयद्रथको मारनेके लिये शपथपूर्ण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि जयद्रथ पाताल में प्रवेश कर जाए, उसके पार चला जाए, अथवा आकाश, स्वर्ग या राक्षसों की नगरी में जाकर छिप जाए, तो भी मैं कल ही अपने सैकड़ों बाणों से अभिमन्यु के उस भयंकर शत्रु का सिर अवश्य काट डालूँगा।
Even if Jayadratha enters the netherworld or goes beyond that or goes and hides himself in the sky, heaven or the city of demons, I shall certainly cut off the head of that fierce enemy of Abhimanyu with my hundreds of arrows tomorrow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥