Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.72.52-53h: निश्चय ही मेरा यह हृदय अत्यन्त बलवान और वज्र का बना हुआ है; इसीलिए यदि मैं लाल नेत्रों वाले पराक्रमी अभिमन्यु को न भी देखूँ, तो भी यह नहीं फटता। | mahabharat अध्याय 7.72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निश्चय ही मेरा यह हृदय अत्यन्त बलवान और वज्र का बना हुआ है; इसीलिए यदि मैं लाल नेत्रों वाले पराक्रमी अभिमन्यु को न भी देखूँ, तो भी यह नहीं फटता।
Surely this heart of mine is extremely strong and is made of a thunderbolt; that is why it does not burst even if I do not see the red-eyed, powerful Abhimanyu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥