vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 65: राजा शशबिन्दुका चरित्र
»
श्लोक 1
श्लोक
7.65.1
नारद उवाच
शशबिन्दुं च राजानं मृतं सृञ्जय शुश्रुम।
ईजे स विविधैर्यज्ञै: श्रीमान् सत्यपराक्रम:॥ १॥
अनुवाद
नारदजी कहते हैं- संजय! मैंने सुना है कि राजा शशबिन्दु की भी मृत्यु हो गई थी। उस वीर और सत्यवादी राजा ने अनेक प्रकार के यज्ञ किए थे।
Naradji says- Sanjaya! I have heard that King Shashabindu had also died. That valiant and truthful king had performed various types of Yajnas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×