Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.5.21: अतः हे दुर्योधन! जिस प्रकार दैत्यों पर विजय पाने के इच्छुक देवताओं ने युद्धभूमि में कार्तिकेय को अपना सेनापति बनाया था, उसी प्रकार तुम भी शीघ्र ही आचार्य द्रोण को अपना सेनापति बनाओ। | mahabharat अध्याय 7.5: कर्णका दुर्योधनके समक्ष सेनापति-पदके लिये द्रोणाचार्यका नाम प्रस्तावित करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं दुर्योधनाचार्यमाशु सेनापतिं कुरु।
जिगीषन्तोऽसुरान् संख्ये कार्तिकेयमिवामरा:॥ २१॥
अनुवाद
अतः हे दुर्योधन! जिस प्रकार दैत्यों पर विजय पाने के इच्छुक देवताओं ने युद्धभूमि में कार्तिकेय को अपना सेनापति बनाया था, उसी प्रकार तुम भी शीघ्र ही आचार्य द्रोण को अपना सेनापति बनाओ।
Therefore, Duryodhan! Just as the gods who wanted to conquer the demons had made Kartikeya their commander in the battlefield, you should also make Acharya Drona your commander soon.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि द्रोणाभिषेकपर्वणि कर्णवाक्ये पञ्चमोऽध्याय:॥ ५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत द्रोणाभिषेकपर्वमें कर्णवाक्यविषयक पाँचवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥