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mahabharat 7.46.14: महाराज! आपके पौत्र अभिमन्यु ने दण्ड से पीटे हुए सर्प के समान क्रोध में भरकर आपके दूसरे पौत्र लक्ष्मण से कहा -॥14॥   |   mahabharat अध्याय 7.46: अभिमन्युके द्वारा लक्ष्मण तथा क्राथपुत्रका वध और सेनासहित छ: महारथियोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.46.14 
संक्रुद्धो वै महाराज दण्डाहत इवोरग:।
पौत्रस्तव महाराज तव पौत्रमभाषत॥ १४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपके पौत्र अभिमन्यु ने दण्ड से पीटे हुए सर्प के समान क्रोध में भरकर आपके दूसरे पौत्र लक्ष्मण से कहा -॥14॥
 
Maharaj! Your grandson Abhimanyu, filled with rage like a snake struck by a stick, said to your other grandson Lakshmana -॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)