Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.44.6: तभी पराक्रमी वृषसेन ने अपने सीधे बाणों से अभिमन्यु के घोड़ों को बींधना शुरू कर दिया। इससे उसके घोड़े वायु की तरह वेग से भागने लगे। इस प्रकार उन घोड़ों द्वारा अभिमन्यु को युद्धभूमि से दूर ले जाया गया। | mahabharat अध्याय 7.44: अभिमन्युका पराक्रम और उसके द्वारा वसातीय आदि अनेक योद्धाओंका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तभी पराक्रमी वृषसेन ने अपने सीधे बाणों से अभिमन्यु के घोड़ों को बींधना शुरू कर दिया। इससे उसके घोड़े वायु की तरह वेग से भागने लगे। इस प्रकार उन घोड़ों द्वारा अभिमन्यु को युद्धभूमि से दूर ले जाया गया।
Then the powerful Vrishasena started piercing Abhimanyu's horses with his straight arrows. Due to this his horses ran away as fast as the wind. In this way he was carried away from the battlefield by those horses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥