तब मुस्कुराते हुए अभिमन्यु ने धनुष खींचा और एक ही बाण से कर्ण के भाई का सिर धड़ से अलग कर दिया। उसका सिर रथ से उतरकर ज़मीन पर ऐसे गिरा मानो पवन के वेग से कोई कनेर का वृक्ष किसी पर्वत शिखर से उखड़कर गिर पड़ा हो।
Then smiling Abhimanyu drew his bow and with a single arrow severed the head of Karna's brother from his body. His head fell from the chariot to the ground as if a oleander tree uprooted by the force of the wind had fallen from a mountain peak. 4 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥