श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 4: भीष्मजीका कर्णको प्रोत्साहन देकर युद्धके लिये भेजना तथा कर्णके आगमनसे कौरवोंका हर्षोल्लास  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.4.5 
स्वबाहुबलवीर्येण धार्तराष्ट्रजयैषिणा।
कर्ण राजपुरं गत्वा काम्बोजा निर्जितास्त्वया॥ ५॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! दुर्योधन की विजय की इच्छा से तुम राजभवन में गये और अपनी भुजाओं के बल तथा पराक्रम से तुमने समस्त काम्बोजों पर विजय प्राप्त की।
 
Karna! Desiring victory for Duryodhan, you went to the royal palace and with the strength of your arms and valour, you conquered all the Kambojas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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