श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 4: भीष्मजीका कर्णको प्रोत्साहन देकर युद्धके लिये भेजना तथा कर्णके आगमनसे कौरवोंका हर्षोल्लास  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.4.16 
सोऽभिवीक्ष्य नरौघाणां स्थानमप्रतिमं महत्।
व्यूढप्रहरणोरस्कं सैन्यं तत् समबृंहयत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ कर्ण ने कौरव सैनिकों की अद्वितीय एवं विशाल सेना देखी। सभी सैनिक पंक्तिबद्ध खड़े थे और उनकी छाती के पास अनेक प्रकार के अस्त्र-शस्त्र बंधे हुए थे। उस समय कर्ण ने समस्त कौरव सेना का उत्साहवर्धन किया॥16॥
 
There Karna saw the unique and huge army of Kaurava soldiers. All the soldiers were standing in formation and had many types of weapons tied near their chests. At that time Karna encouraged the entire Kaurava army.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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