श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 4: भीष्मजीका कर्णको प्रोत्साहन देकर युद्धके लिये भेजना तथा कर्णके आगमनसे कौरवोंका हर्षोल्लास  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.4.1 
संजय उवाच
तस्य लालप्यत: श्रुत्वा कुरुवृद्ध: पितामह:।
देशकालोचितं वाक्यमब्रवीत् प्रीतमानस:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! कर्ण की इस प्रकार बात सुनकर वृद्ध कुरुवंशी पितामह भीष्म ने देश और काल के अनुसार प्रसन्नतापूर्वक यह कहा -
 
Sanjaya says - O King! After listening to Karna speaking in this manner, the aged grandfather of the Kuru clan Bhishma said this happily according to the place and time -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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