श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.39.25 
तौ च श्रुत्वा मृतौ व्यक्तं पाण्डो: क्षेत्रोद्भवा: सुता:।
एकाह्ना ससुहृद्वर्गा: क्लैब्याद्धास्यन्ति जीवितम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
उन दोनों को मरा हुआ सुनकर पाण्डु के क्षेत्र में उत्पन्न ये चारों पाण्डव कायरतावश उसी दिन अपने इष्ट मित्र सहित प्राण त्याग देंगे॥25॥
 
Hearing both of them dead, these four Pandavas born in Pandu's area will out of cowardice give up their lives on the same day along with their good friend. 25॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas