श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.39.24 
श्रुत्वा कृष्णौ मया ग्रस्तं सौभद्रमतिमानिनौ।
गमिष्यत: प्रेतलोकं जीवलोकान्न संशय:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं है कि मेरे द्वारा सुभद्राकुमार अभिमन्यु का नाश होते हुए सुनकर अत्यंत अभिमानी श्रीकृष्ण और अर्जुन इस जीवनलोक से भूतलोक में चले जाएँगे॥24॥
 
There is no doubt that after hearing Subhadrakumar Abhimanyu being destroyed by me, the extremely arrogant Shri Krishna and Arjun will go from this world of life to the world of ghosts. 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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