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तं हि दृष्ट्वा तथा विद्धं सौभद्रेण यशस्विना।
सम्प्राद्रवच्चमू: सर्वा भारद्वाजस्य पश्यत:॥ ३५॥
अनुवाद
जब द्रोणाचार्य ने देखा कि सुभद्रा के पुत्र द्वारा घायल किये जाने के कारण शल्य इतना भयभीत हो गया है, तो उसकी सारी सेना उसके सामने ही युद्धभूमि से भाग गयी।
When Dronacharya saw that Shalya was so frightened after being wounded by the son of the illustrious Subhadra, his entire army fled from the battlefield before his very eyes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥