| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 35: युधिष्ठिर और अभिमन्युका संवाद तथा व्यूहभेदनके लिये अभिमन्युकी प्रतिज्ञा » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 7.35.22  | भीम उवाच
अहं त्वानुगमिष्यामि धृष्टद्युम्नोऽथ सात्यकि:।
पञ्चाला: केकया मत्स्यास्तथा सर्वे प्रभद्रका:॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | भीमसेन बोले—बेटा! मैं तुम्हारे साथ चलूँगा। धृष्टद्युम्न, सात्यकि, पांचाल देश के योद्धा, केकयराज, मत्स्यदेश के सैनिक और समस्त प्रभद्रक भी तुम्हारे पीछे चलेंगे॥ 22॥ | | | | Bhimasena said—Son! I will go with you. Dhrishtadyumna, Satyaki, the warriors of Panchal country, the prince of Kekaya, the soldiers of Matsya country and all the Prabhadrakas will also follow you.॥ 22॥ | | ✨ ai-generated | | |
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