श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 35: युधिष्ठिर और अभिमन्युका संवाद तथा व्यूहभेदनके लिये अभिमन्युकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.35.21 
धनंजयसमं युद्धे त्वां वयं तात संयुगे।
प्रणिधायानुयास्यामो रक्षन्त: सर्वतोमुखा:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पुत्र! हम तुम्हें युद्धभूमि में अर्जुन के समान मानते हैं। हम तुम्हारा ध्यान करते हुए सब ओर से तुम्हारी रक्षा करते हुए तुम्हारे साथ चलेंगे।॥21॥
 
Son! We consider you to be like Arjuna in the battlefield. We will keep our focus on you and walk with you, protecting you from all sides. ॥ 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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