vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 35: युधिष्ठिर और अभिमन्युका संवाद तथा व्यूहभेदनके लिये अभिमन्युकी प्रतिज्ञा
»
श्लोक 15
श्लोक
7.35.15
त्वं वार्जुनो वा कृष्णो वा भिन्द्यात् प्रद्युम्न एव वा।
चक्रव्यूहं महाबाहो पञ्चमो नोपपद्यते॥ १५॥
अनुवाद
महाबाहो! केवल आप, अर्जुन, श्रीकृष्ण या प्रद्युम्न - ये चार ही चक्रव्यूह को तोड़ सकते हैं। कोई भी पाँचवाँ योद्धा इस कार्य में समर्थ नहीं है।॥15॥
‘Mahabaho! Only you, Arjun, Shri Krishna or Pradyumna – these four men can break the Chakravyuh. No fifth warrior is capable of this task.॥ 15॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas