श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 35: युधिष्ठिर और अभिमन्युका संवाद तथा व्यूहभेदनके लिये अभिमन्युकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.35.13 
वासुदेवादनवरं फाल्गुनाच्चामितौजसम्।
अब्रवीत् परवीरघ्नमभिमन्युमिदं वच:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
अमित तेजस्वी अभिमन्यु वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण और अर्जुन से किसी भी प्रकार कम नहीं थे, वे शत्रु योद्धाओं का संहार करने में समर्थ थे; अतः युधिष्ठिर ने उनसे इस प्रकार कहा- ॥13॥
 
Amit Tejaswi Abhimanyu Vasudevanandan was not less than Shri Krishna and Arjun in any way, he was capable of killing the enemy warriors; Therefore, Yudhishthir said to him thus: 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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