श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 33: दुर्योधनका उपालम्भ, द्रोणाचार्यकी प्रतिज्ञा और अभिमन्युवधके वृत्तान्तका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.33.26 
संजय उवाच
यन्मां पृच्छसि राजेन्द्र सौभद्रस्य निपातनम्।
तत् ते कात्‍स्‍न्‍‍‍र्येन वक्ष्यामि शृणु राजन् समाहित:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- राजन! आप मुझसे सुभद्रा के पुत्र के वध का जो भी वृत्तांत पूछ रहे हैं, वह मैं आपको विस्तारपूर्वक सुनाता हूँ। राजन! कृपया ध्यान लगाकर सुनें।
 
Sanjaya said- King! Whatever you are asking me about the story of the killing of Subhadra's son, I will tell you all about it in full detail. King! Please listen with concentration.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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