Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.79: वहाँ वह भयंकर नरसंहार हिंसक पशु, पक्षी और राक्षसों को आनंद दे रहा था। वे महारथी योद्धा क्रोधित होकर बड़े वेग से एक-दूसरे का वध करते हुए इधर-उधर घूम रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ वह भयंकर नरसंहार हिंसक पशु, पक्षी और राक्षसों को आनंद दे रहा था। वे महारथी योद्धा क्रोधित होकर बड़े वेग से एक-दूसरे का वध करते हुए इधर-उधर घूम रहे थे।
There that dreadful carnage was giving pleasure to the ferocious animals, birds and demons. Enraged, those mighty warriors were roaming around slaying each other with great vigour.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥