श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.32.5 
द्रोणं पञ्चाशतेषूणां कर्णं च दशभि: शरै:।
दुर्योधनं द्वादशभिर्द्रौणिमष्टाभिराशुगै:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उसने द्रोण को पचास, कर्ण को दस, दुर्योधन को बारह और अश्वत्थामा को आठ बाण मारे॥5॥
 
He shot Drona with fifty arrows, Karna with ten, Duryodhana with twelve and Ashwatthama with eight. 5॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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