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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम
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श्लोक 4
श्लोक
7.32.4
षड्भिर्दुर्योधनो राजा तत एनमथाकिरत्।
भीमसेनोऽपि तान् सर्वान् प्रत्यविध्यन्महाबल:॥ ४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा दुर्योधन ने छः बाणों से उन पर आक्रमण किया, तत्पश्चात् पराक्रमी भीमसेन ने अपने बाणों से उन सबको घायल कर दिया।
Thereafter King Duryodhana attacked them with six arrows. Then the mighty Bhimasena wounded them all with his arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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