Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.32-33h: जैसे कोई पर्वत झरना उगलता हो, वैसे ही एक शक्तिशाली हाथी ने अपने पैरों से सारथि और उसके घोड़ों को जमीन पर दबा दिया और उन सबको कुचल दिया। 32 1/2 | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे कोई पर्वत झरना उगलता हो, वैसे ही एक शक्तिशाली हाथी ने अपने पैरों से सारथि और उसके घोड़ों को जमीन पर दबा दिया और उन सबको कुचल दिया। 32 1/2
Like a mountain gushing out a waterfall, a mighty elephant pressed the charioteer and his horses to the ground with his feet and crushed them all. 32 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥