vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 31: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध तथा अश्वत्थामाके द्वारा राजा नीलका वध
»
श्लोक 17
श्लोक
7.31.17
तेषु प्रमथ्यमानेषु द्रोणेनाद्भुतकर्मणा।
पर्यवारयदासाद्य द्रोणं सेनापति: स्वयम्॥ १७॥
अनुवाद
जब महाबली द्रोणाचार्य धन-सागर का मंथन कर रहे थे, तब स्वयं सेनापति धृष्टद्युम्न ने द्रोण के पास जाकर उन्हें रोक दिया।
When the mighty Dronacharya was churning the ocean of wealth, the Commander-in-Chief Dhrishtadyumna himself went to Drona and stopped him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×