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mahabharat 7.30.24: उस महायुद्ध में जो भयंकर, तीव्र और भयंकर अंधकार प्रकट हुआ था, उसे अर्जुन ने अपने विशाल, उत्तम, तेजस्वी अस्त्र से नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.30.24 
तत् तमो भैरवं घोरं भयकर्तृ महाहवे।
उत्तमास्त्रेण महता ज्यौतिषेणार्जुनोऽवधीत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में जो भयंकर, तीव्र और भयंकर अंधकार प्रकट हुआ था, उसे अर्जुन ने अपने विशाल, उत्तम, तेजस्वी अस्त्र से नष्ट कर दिया।
 
The fearful, intense and terrible darkness that appeared during that great war was destroyed by Arjuna with his huge, excellent, luminous weapon. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)